श्री रमेश चन्द्र द्विवेदी
सह-संस्थापक · संचालक
माता-पिता से मिली विरासत को 1994 में बुन्देलखण्ड विकास सेवा आश्रम के रूप में उरई से नई पहचान दी। उरई में रहकर 40 साल तक श्रम विभाग में सेवा दी और 2020 में वरिष्ठ श्रम प्रवर्तन अधिकारी (Senior Labour Enforcement Officer) पद से सेवानिवृत्त हुए। इसी कार्यकाल में बुन्देलखण्ड के विकास को निकट से देखा।
2005 में उरई से ‘योग क्रांति’ का आरंभ किया। बुन्देलखण्ड के जालौन-झांसी क्षेत्र में पतंजलि योगपीठ से मण्डल प्रभारी के रूप में लंबे समय तक जुड़े रहे।
14 अप्रैल 2025 को उरई में महर्षि वाग्भट्ट योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान आरंभ किया। वे उसके संचालक हैं। सेवानिवृत्ति के बाद से संस्था का सारा काम पूरे समय वे ही देखते हैं, और उरई की कई स्थानीय पहलों में भी हाथ बंटाते हैं।
उनकी विधि सीधी है, गांव-गांव घूमना और लोगों से बात करना। यही उनसे संस्था को मिली सबसे पुरानी आदत है।